सिद्धराज धाम चालीसा

चालीसा का पाठ प्रतिदिन या गुरुवार को करें

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Arji, Peshi, Vidhi, Kriya from Home

विश्व का एक मात्र ऐसा धाम जहां मनोकामना पूर्ति के लिए  धाम में आने जाने की भी जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि धाम साधना क्षेत्र है, सामान्य मनुष्यों को धाम की कृपा उनके घर बैठे प्राप्त होती है, धाम के नियमों का पालन करने से, घर से ही मंत्र जाप और पेशी करने से  | मनोरथ पूर्ण होने के बाद धाम की पेशी करें या आसन क्रिया के माध्यम से अपनी भक्ति धाम में समर्पित करें 
 
नीचे दिए प्रश्नों पर क्लिक करें ताकि उनके उत्तर आप देख सकें 

घर पर ही तीन नारियल लाकर, एक काले कपड़े में, एक सफेद कपड़े में, एक लाल कपड़े में (यदि धन की समस्या हो) या एक पीले कपड़े में (यदि दाम्पत्य जीवन की समस्या हो ) मंदिर पर या छत पर रख लें, और वैसे ही रहने दें जब तक मनोरथ पूर्ण न हो जाए | सिद्धराज नारायण से प्रार्थना करते हुए संकल्प कर लें, कि प्रभु जैसे ही मेरी समस्या में लाभ प्राप्त होना आरंभ हो जाएगा, वैसे ही मैं धाम में पेशी लगाने आऊँगा

प्रत्येक भक्त को जैसे ही धाम की कृपा प्राप्ति प्रारंभ हो जाए, वैसे ही धाम की पेशी का टोकन प्राप्त करना है | 

धाम की पेशी का प्रवेश टोकन प्राप्त करने के लिए : https://wa.me/919405365157 

21 पेशी का टोकन एक साथ धाम से दिया जाता है, जिसके लिए ₹651 धाम के मैन्ट्नन्स का शुल्क है |

धाम प्रत्येक गुरुवार भक्तों के लिए खुला रहता है , और धाम में प्रवेश के लिए सक्रिय टोकन होना अनिवार्य है | 

ध्यान रखें, धाम एक प्राइवेट हिन्दू सनातन धर्म का सिद्ध पूजा स्थल है, और सम्पूर्ण महिमा धाम में स्थापित पंचदेवों की महिमा से है | धाम अभी अभी भक्तों के लिए खोला गया है और विकास , व्यवस्था की प्रक्रिया चालू है, जिसमें भक्तों का सहयोग चाहिए ही, बिना उसके व्यवस्था नहीं बन सकती है | 

जो भक्त पेशी करने नहीं आ सकते, वह घर से ही आसन क्रिया द्वारा पेशी लगा सकते हैं | सामान्य आसन क्रिया का शुल्क ₹1287 प्रति दिन है 

1. प्रतिदिन दिए गए दोनों मंत्रों का जाप करें 

2. जैसे ही लाभ प्राप्त होना प्रारंभ हो जाए, वैसे ही धाम की पेशी का टोकन निकालकर पेशी प्रारंभ करें 

3. जिन भक्तों से संभव हो, वह गुरुवार का व्रत रखें 

4. सिद्धराज चालीसा का प्रतिदिन या प्रत्येक गुरुवार पाठ करें यथा संभव

5. गुरुवार को मांस और मदिरा का सेवन न करें 

6. धाम से फोटो मँगा लें और अपने घर में पूजा स्थल, दुकान इत्यादि में रखें, जिससे जब आप मंत्र जाप करेंगे तो जो धाम की शक्तियां आपकी सहायता करने के लिए गए हैं, वह और बलशाली होते हैं 

7. गुरुवार के दिन धाम से मंगाई गई फोटो के सामने भगवान सिद्धराज नारायण को गुड़ और चने की दाल का भोग लगाएं, और उसका प्रसाद ग्रहण करें 

ॐ हरि हरि नमः स्वाहा 

 

इस मंत्र का 1 माला प्रतिदिन और 11 माला गुरुवार को करना है

मंत्र जाप तब तक करना है जब तक समस्या का स्थाई और पूर्ण समाधान न हो जाए | अपनी अपनी भक्ति के अनुसार किसी भी समस्या के समाधान में समय लगता है | जैसे ही हरि इच्छा हो जाएगी, वैसे ही लाभ प्राप्त होना शुरू होगा |

जब लाभ प्राप्त होना शुरू हो जाए तब धाम की पेशी आरंभ करें 

प्रत्येक भक्त को निम्न नियमों के साथ सत्यनारायण कथा का 41 अनुष्ठान अपने घर पर कराना है, जिससे भक्तों के कर्मदोष क्षीण होते हैं, हरि कृपा प्राप्त होती है, और यदि घर पर न पालन हो पा रहा हो, तो धाम में घर से ही संकल्प लेकर कराएं 

1. प्रत्येक शुक्लपक्ष एकादशी को सत्यनारायण कथा कराएं 

2. कथा किसी ब्राह्मण को बुलाकर, दान दक्षिणा देकर कराएं, अथवा धाम में कराएं, जैसी इच्छा और भक्ति हो 

3. कथा सम्पन्न होने तक उपवास रखें , उस दिन मांस, मदिरा का सेवन वर्जित है 

4. कथा केवल संस्कृत में करानी है | अपने क्षेत्रीय भाषा में भी सुन सकते हैं, लेकिन ब्राह्मण को कहना ही कि संस्कृत में ही कथा कहनी है , वह आवश्यक है 

जैसे ही लाभ प्राप्त होना आरंभ हो जाए, वैसे ही धाम में पेशी आरंभ करनी चाहिए | धाम में 21 पेशी का नियम है| 

जो भक्त, पेशी करने किसी भी कारण से नहीं आ सकते, उनके लिए आसन क्रिया का विकल्प बनाया गया है 

आसन क्रिया से धाम के साधना क्षेत्र में रुकने का लाभ प्राप्त होता है| 

वैदिक आसन क्रिया के लिए अपना फोटो व्हाट्सप्प पर  भेजें 

आसन क्रिया में भक्त का धाम में आसन लगता है, वैदिक तंत्र यज्ञ आहुति होती है, और सिद्धराज नारायण का अनुष्ठान किया जाता है जिससे दरबार के समय की गई नारायणी क्रिया सक्रिय होती है और अर्जी में लाभ होने का मार्ग खुलता है | 

प्रत्येक भक्त की परेशानी के अनुसार दिवसों की आसन क्रिया धाम में आवश्यक होती है, जिससे धीरे धीरे समस्या यज्ञ, आहुति, तंत्र और दिव्य शक्तियों द्वारा समाप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है | 

 धाम के नियम करने से भक्तों को हरि कृपा प्राप्त होती है ऐसा भक्तों का मत है, इसलिए आसन क्रिया भक्त ने अपनी सम्पूर्ण श्रद्धा और क्षमता से कराना चाहिए | आसन क्रिया धाम में पेशी के रूप में भी मान्य है, और यह धाम में भक्त की श्रद्धा देखता है |

यह दिव्य धाम है, कोई तांत्रिक मांत्रिक केंद्र नहीं, इसलिए आस्था की पूंजी जो आप अपने दान में दिखाते हैं, उसी से धाम की व्यवस्था बनती है, उसी से धाम का प्रचार प्रसार होता है, और इसीलिए जो भक्त दिल खोल कर, शुद्ध मन से दान करते हैं, उन्हें सभी को धाम की कृपा दृष्टि, लाभ प्राप्त होता है | 

आसन क्रिया का शुल्क ₹1287 प्रति दिन से लेकर ₹5510 प्रतिदिन होता है | भक्त अपनी श्रद्धा से आसन क्रिया चुन सकते हैं 

उसके लिए यूट्यूब चैनल देखें और सबस्क्राइब कर लें 

हमारे कर्म क्षेत्र की उन्नति के लिए और जीवन से क्लेश मुक्त करने के लिए सिद्धराज धाम में पूर्वज तर्पण क्रिया की जाती है यह शास्त्रों का मत है   | यह पूर्णतया वैदिक पौराणिक क्रिया है, जिससे कि संकल्प करने वाले व्यक्ति के सभी प्रकार की बाधाओं में लाभ प्राप्त होता है| साथ ही नारायणी क्रिया द्वारा जो पूर्वज अधोगति को प्राप्त हुए रहते हैं, जिनके कारण मनुष्य को आर्थिक, भौतिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा होता है, उनका पंचदेवों द्वारा नारायणी सेना में प्रवेश किया जाता है| जब मनुष्य  इस तर्पण की क्रिया को धाम में करता है तो यह पूर्वज गति सुधार होने के बाद धाम से मुक्त कर दिए जाते हैं और वह पुनः अपने वंशजों के लिए कल्याणकारी हो जाते हैं, यह शास्त्रीय मत है |

सिद्धराज धाम वेणा नदी के तट पर स्थित है जिसका उल्लेख महाभारत में है | वेणा नदी के इस परिक्षेत्र को, भीमरथी नदी के साथ ब्राह्मणों की सर्वोच्च तपस्थली कहा गया है | 

प्रत्येक मनुष्य के आध्यात्मिक विकास के लिए जिस प्रकार देवताओं में समपर्ण आवश्यक होता है, उसी तरह भौतिक विकास, धन धान्य की प्राप्ति, संतान प्राप्ति, कुल के विकास, कर्ज मुक्ति, धन, ऐश्वर्य, घर निर्माण, बच्चों की शिक्षा आदि के लिए पूर्वजों और कुल देवता, कुल देवी का हमारे अनुकूल रहना आवश्यक होता है | 

जब पूर्वज, कुल देवता, कुल देवी हमारे अनुकूल रहते हैं, तो ऐसा मनुष्य ऐश्वर्य से सम्पन्न, धन से सम्पन्न, कई पुत्रों वाला, घर, घोड़ा गाड़ी प्रजा आदि वाला होता है | 

जिस व्यक्ति के पूर्वज, कुल देवता, कुल देवी उससे रुष्ट होते हैं, ऐसे व्यक्तियों को व्यापार क्षेत्र में हानि होती है, संतान प्राप्त में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, आए हुए पैसे किसी और काम के किसी और कार्य में लग जाते हैं | 

धाम की महिमा है कि जो पूर्वज अधोगति को प्राप्त हो रहे होते हैं उन्हें धाम में बंधन कर धाम की दिव्य शक्तियों द्वारा उनकी गति सुधार कर उन्हें मुक्त कर दिया जाता है जिससे वह अपने पुत्र पौत्रों का कल्याण कर सकें| साथ ही पूर्वजों के कर्म दोषों को दूर करने के लिए धाम की दिव्य शक्तियां उनका उपयोग ईश्वरीय कार्यों के लिए, जन कल्याण के लिए करती हैं, जिससे पूरे परिवार को लाभ होता है| इसलिए धाम में तर्पण क्रिया का विशेष महत्व है 

यदि कुल देवी या कुल देवता रुष्ट होते हैं, जो परेशानी का कारण होते हैं, तो तर्पण क्रिया से उन्हें शांति प्राप्त होती है और वह अनुकूल होते हैं 

यदि ऋषि ऋण के कारण कभी वेदों का असम्मान इत्यादि करने से व्यक्ति परेशानी में होता है, तो यह क्रिया ऋषियों को तर्पण प्रदान कर उन्हें भी जातक संकल्प करता के अनुकूल करने का प्रयास करती है 

यदि किसी मनुष्य ने कभी ब्राह्मण का अपमान किया हो, और उसके कारण उसके ग्रह, नक्षत्र प्रतिकूल हुए हों, तथा जिससे कर्ज की समस्या बन रही हो, तो ब्राह्मण तर्पण से ऐसे कर्मों का नाश होकर लाभ प्राप्त होता है 

ब्रह्म तर्पण से मनुष्य के सम्पूर्ण, सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होता है , जिससे घर में धन की आवाजाही बढ़ती है, धन घर में  रुकना प्रारंभ होता है, और लाभ प्राप्त होता है | यह हमारे ऋषियों मुनियों के वचन हैं 

जैसे ही आपको लाभ मिलना प्रारंभ हो जाए, वैसे ही धाम की पेशी का टोकन प्राप्त कर लें 
 
 सिद्धराज धाम विश्व के एक मात्र धार्मिक क्षेत्र है जहां लाभ प्राप्त होना प्रारंभ होने तक भक्त को धाम मे आने की आवश्यकता नहीं पड़ती है, उसमें भक्तों के हजारों, लाखों रुपये बच जाते हैं | कृपा सभी भक्तों को घर बैठे नियम करने से प्राप्त हो जाती है 
 
और जब लाभ होना प्रारंभ हो जाए, उसके बाद  21 पेशी धाम में आकर करनी है |
 
धाम की पेशी के लिए टोकन जारी होता है, और जो भक्त टोकन लेते हैं, गुरुवार को उन भक्तों के लिए धाम खुला रहता है | बिना टोकन के धाम में प्रवेश निषेध है क्योंकि धाम साधना क्षेत्र है | 
 
पेशी लगाने के लिए :
1. धाम के टोकन के लिए निर्धारित हेल्पलाइन पर संपर्क कर धाम का टोकन प्राप्त करें 
2. ₹651 में एक व्यक्ति के लिए धाम की 21 पेशी का टोकन मिलता है| एक साथ 21 पेशी का टोकन दिया जाता है|
3. धाम केवल गुरुवार को पेशी के लिए खुलता है | 
4. सभी भक्त धाम में अपनी क्षमता के अनुसार तर्पण क्रिया कर, अपने पूर्वजों को धाम की सेवा में अर्पित करें, और पेशी समाप्त होते होते, उन्हें ले जाकर अपने घर पर स्थापित कर लें, जिससे कि सभी आर्थिक, कर्ज, बाधा, इत्यादि की समस्याओं का निवारण होता है , ऐसी धाम की महिमा है 

दान यूपीआई द्वाराeksattva1@upi” पर भेजें, और व्हाट्सएप पर बता दें कि यह किस चीज का  दान है।

सभी भक्त अपनी इच्छा से, अपने  सामर्थ्य , श्रद्धा के अनुसार   अनुष्ठान,  हवन धाम में करा सकते हैं | कोई भी अनुष्ठान या क्रिया किसी भी भक्त पर बंधनकारक नहीं होती है, भक्त अपनी श्रद्धा से जो उनके आर्थिक सामर्थ्य और विवेक से सही हो, उसके अनुसार अनुष्ठान चुन कर करा सकते हैं 

धाम में पंचदेवों को समर्पित  अनुष्ठान का विशेष महत्व है

धाम में उपलब्ध अनुष्ठान और उनकी राशि निम्न है | जो भक्त स्वेच्छा से अनुष्ठान कराना चाहते हैं, वह अपना दान भेजकर , उसका स्क्रीनशॉट व्हाट्सप्प पर आचार्य को बता दें, और बता दें कि कौन सा अनुष्ठान कराना चाहते हैं 

अनुष्ठान : 

1. विष्णु सहस्त्रनाम – ₹1100

2. सत्य नारायण कथा  – ₹1100 

3. सुंदरकांड  – ₹1100 

4. रामायण अखंड पाठ बिना म्यूजिक के – ₹5100 

5. सुंदरकंद म्यूजिक के साथ – ₹7500 

6. नारायण कवचं – ₹1100

7. शिव कवचं – ₹1100 

8. हनुमान कवचं – ₹1100 

9. एक मुखी, पंच मुखी, ग्यारह मुखी हनुमान कवचं – ₹1100 

10. 5 ब्राह्मण भोज – ₹5500 

11. 1 ब्राह्मण भोज – ₹1100  

12. पितृ शांति अनुष्ठान – ₹2100 

13. प्रेत शांति अनुष्ठान – ₹2100 

क्रिया: अथर्व वैदिक क्रिया द्वारा भी भक्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं, स्वेच्छा से आपकी समस्या और आर्थिक क्षमता के अनुसार क्रिया चुनें, और आचार्य को व्हाट्सप्प पर बता दें | सभी क्रियाएं महागुरु जी द्वारा की जाती हैं 

14. बाल गोपाल अनुष्ठान – ₹2100/5100/11000/51000/111000 यथा शक्ति 

15. तंत्र बाधा मुक्ति अनुष्ठान – ₹1100 / 5100/11000/21000/510000

16. धन बंधन मुक्ति अनुष्ठान – ₹501/1100/2100/5100/11000/21000/51000/111000/251000/551000 यथा शक्ति 

17. राम राजा अनुष्ठान (राजनीतिक सफलता के लिए ) – ₹21000/51000/111000/251000/551000/11L  यथा शक्ति राजनीति के स्तर के अनुसार

➡️ साधारण  हवन : ₹501 प्रति हवन 

नोट : विधि अपनी इच्छा, और आर्थिक सामर्थ्य के अनुसार करना है|  कोई बंधनकारक नहीं है| 

धाम की सम्पूर्ण महिमा अर्जी, विधि, क्रिया, मंत्र जाप और पेशी के नियमों के पालने पर निर्भर है, जो भक्त नियम पालते हैं, उनको उनकी परेशानी में आवश्यक लाभ का मार्ग धाम की दिव्य शक्तियों द्वारा खोला जाता है|

धाम की कृपा द्वारा लाभ प्राप्त करने के लिए अर्जी, पेशी, मंत्र जाप, और नारियल बंधन धाम भक्त को नियम के अनुसार करना चाहिए | और गति को तेज करने के लिए अपनी इच्छा से दिए गए अनुष्ठानों में से अपने चुने हुए अनुष्ठान और हवन इत्यादि को कराना चाहिए |  व्यवस्था का संपूर्ण पालन करने पर सभी भक्तों की अभीष्ट इच्छा पूर्ण होने का मार्ग खुलता है, ऐसी धाम की महिमा है।

सब नियम गणों दूतों और दिव्य शक्तियों के कार्य करने के तरीके के अनुसार बनाए गए हैं, और जो भी भक्त सभी नियमों का पालन करता है, उसे लाभ मिलता ही है ऐसा देखा गया है 

➡️ मंत्र का महत्व और विधि :

  • प्रतिदिन एक माला
  • मंत्रों से आपको दिए गए गण दूतों को आप बलशाली करते हैं, इसलिए मंत्र आवश्यक हैं | बिना मंत्रजाप के धाम से कोई लाभ प्राप्त नहीं  होता है |

➡️ क्रिया का महत्व :
भक्त को शीघ्र प्रभाव से लाभ मिलना प्रारंभ हो जाए, इसलिए वैदिक तंत्र विधा की क्रिया धाम द्वारा की जाती है। यदि भक्त की इच्छा और सामर्थ्य हो तो वह दिए गए अनुष्ठानों में से अपनी समस्या के अनुरूप अनुष्ठान चुनकर वह करा सकते हैं 

➡️ पेशी का महत्त्व:

पेशी धाम की कृपा प्राप्त करने की व्यवस्था का एक मुख्य भाग है। पेशी लगाने पर धाम की दिव्य शक्तियों को आप पुनः बता रहे होते हैं कि या तो आपकी समस्या अभी भी है, या आप आपकी समस्या के निवारण के लिए उन्हें धन्यवाद कर रहे होते हैं। जैसे ही लाभ होना प्रारंभ हो, वैसे ही धाम की पेशी का टोकन निकालकर आपकी पेशी प्रारंभ करें 

➡️ विधि का महत्व
विधि करने से ही, धाम की कृपा प्राप्त करने का मार्ग खुलता है

➡️नारियल बंधन का महत्व : 3 नारियल बंधन करने का नियम है  | 

 

लाल कपड़े मे नारियल बंधन : कर्ज, बीमारी, धन, व्यापार, नौकरी की समस्या के लिए 

पीले कपड़े मे नारियल बंधन : विवाह, पति पत्नी इत्यादि की समस्या के लिए 

सफेद कपड़े मे नारियल बंधन : साधना, शिक्षा, आध्यात्म के क्षेत्र मे आगे बढ़ने के लिए 

 

आपका दान नीचे दिया क्यूआर कोड स्कैन करके भी भेज सकते हैं

 दरबार का टोकन लेने पर सभी भक्त इस बात की अनुमति देते हैं कि उनका दरबार का विडिओ, औडियो रिकार्ड किया जाएगा और सिद्धराज  धाम के प्रचार प्रसार के लिए धाम द्वारा किसी भी रूप में बिना किसी अन्य अथवा विशेष अनुमति के सिद्धराज  धाम द्वारा उपयोग किया जा सकता है, और इस बात से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है| दरबार के सभी विडिओ धाम की संपत्ति हैं और इस पर धाम का कॉपीराइट है, जिसे बिना धाम के अनुमति के प्रयोग नहीं किया जा सकता है 

By taking a token for Darbar, all Bhaktas agree that their consultation in the darbar will be recorded, reproduced in any manner, in full or part thereof, without any special or written permission from them by Siddharaj Dham for marketing and propagation purposes. Dham has 100% content rights on all such videos of the darbar and all videos are copyright of Dham.