सिद्धराज धाम चालीसा

चालीसा का पाठ प्रतिदिन या गुरुवार को करें

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|| Om Namo Narayana | ॐ नमो नारायण ||

Dham Divya Darbar

 
 
नीचे दिए प्रश्नों पर क्लिक करें ताकि उनके उत्तर आप देख सकें 

अर्जी लगाने के लिए 09321390655 पर व्हाट्सप्प द्वारा संपर्क करें, और आपकी जानकारी प्रदान करें तथा अर्जी की देय राशि का भुगतान करें  | धाम में तीन प्रकार की अर्जी लगती है जो भक्त अपनी इच्छा के अनुसार चुन सकते हैं : ₹601 | ₹2100 | ₹5100 

दान बैंक अकाउंट में भेजें और व्हाट्सप्प पर स्क्रीनशॉट भेजें | दान की पुष्टि होने के बाद टोकन और टाइम स्लॉट दिया जाता है 

धाम में पंचदेवों के समक्ष प्रत्येक भक्त के लिए तीन नारियल बंधन,  तीन रंग के कपड़ों में दान दिया जाता है

धाम से दो सक्रिय मंत्र, और धाम के नियम प्राप्त होते हैं जो घर से आसानी से किए जा सकते हैं| 

जो भक्त महागुरु जी से परामर्श चाहते हैं, वह उनसे संपर्क करने का टोकन व्हाट्सप्प पर ही प्राप्त कर सकते हैं 

धाम के विकास, निर्माण में प्रमुख आर्थिक योगदान देकर महागुरु जी से अर्जन्ट मिलने का टोकन प्राप्त किया जा सकता है | टोकन के लिए धाम में 09321390655 पर व्हाट्सप्प द्वारा संपर्क करें, और 151k, 251k, 551k की राशि का दान करें 

अपने इच्छा, सामर्थ्य और परेशानी के अनुसार धाम सेवा की राशि चुनें 

➡️₹151k/251k – राजनीति से संबंधित कार्य – ग्राम, शहर स्तर की, या कोई अन्य समस्या, परेशानी
➡️₹551k – राजनीति से संबंधित – जिला, राज्य और देश के स्तर की

महागुरु जी से परामर्श प्राप्त करने के लिए निम्न व्यवस्था है 

सामान्य जनता ₹1100 | ₹2100 | ₹5100 का टोकन अपने सामर्थ्य के अनुसार ले सकती है 

 

राजनीति से संबंधित भक्त और सामर्थ्यवान व्यापारी इत्यादि अपने सामर्थ्य के अनुसार ₹21000 या ₹51000 का टोकन प्राप्त करें, और कार्य सिद्धि होने के पश्चात धाम के विकास और निर्माण में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान करें 

धाम में ज्योतिष विज्ञान, परा विज्ञान, अथर्ववेद, यजुर्वेद कर्मकांड पद्धति और सामवेद संगीत कंपन इत्यादि प्रक्रियाओं का उपयोग किया जाता है | साथ ही गुरु प्रसाद के रूप में प्राप्त अन्य कृपा का उपयोग नारायण भक्तों के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए किया जाता है 

आभा शुद्धिकरण में प्रत्येक भक्त के लिए 

✅ वैदिक हवन ब्राह्मणों द्वारा धाम परिक्षेत्र में किया जाता है 

✅ सत्यनारायण कथा पाठ धाम में किया जाता है 

✅ भक्त को ॐ नमो नारायण की 11 माला धाम में जाप करनी है 

✅ धाम के चालीसा का पाठ करना है 

आभा शुद्धिकरण जाति धर्म से हटकर सभी के लिए लाभकारी है | शुद्धिकरण इस प्रक्रिया में आत्मा और शरीर के आभा मण्डल का किया जाता है जो विभिन्न क्रियामान और संचित कर्मों के कारण अपमार्जित हुई रहती है और समस्या का कारण बनती है 

₹5100 इस प्रक्रिया का धाम में शुल्क है 

धाम में महागुरु जी से मिलने वाले भक्तों के लिए 9 पेशी, और न मिलने वाले भक्तों के लिए 21 पेशी का नियम है 

धाम की पेशी का प्रवेश टोकन प्राप्त करने के लिए व्हाट्सप्प पर संपर्क करें  

 धाम में प्रवेश के लिए सक्रिय टोकन होना अनिवार्य है | धाम में पेशी के समय भक्त अपनी इच्छा से ₹601 | ₹2100 | ₹5100 का पेशी का टोकन ले सकते हैं। 

ध्यान रखें, धाम एक प्राइवेट हिन्दू सनातन धर्म का सिद्ध पूजा स्थल है, और सम्पूर्ण महिमा धाम में स्थापित पंचदेवों की महिमा से है | धाम अभी अभी भक्तों के लिए खोला गया है और विकास , व्यवस्था की प्रक्रिया चालू है, जिसमें भक्तों का सहयोग चाहिए ही, बिना उसके व्यवस्था नहीं बन सकती है | 

जो भक्त पेशी करने नहीं आ सकते, वह घर से ही आसन क्रिया द्वारा पेशी लगा सकते हैं | सामान्य आसन क्रिया का शुल्क ₹1287 प्रति दिन है 

सिद्धराज धाम के पंचदेवों की कृपा प्राप्ति के 5 नियम हैं 

1. नारायणी क्रिया – दरबार के समय महागुरु जी द्वारा की जाती है 

2. नारियल बंधन – धाम में होता है 10 महाविद्या, भैरव तंत्र के नियमों के अनुसार 3 नारियल बंधन प्रत्येक भक्त को अर्जी लगाने के लिए करना रहता है 

3. आसन क्रिया – नारायणी क्रिया को सक्रिय करने के लिए धाम में प्रत्येक भक्त का आसन लगता है, उसके लिए फोटो व्हाट्सप्प पर भेजनी है| समस्या के अनुसार कितने दिन की आसन क्रिया  होगी महागुरु जी बताएंगे 

4. पेशी – जैसे ही धाम की कृपा प्राप्त होना प्रारंभ हो जाए, धाम की पेशी प्रारंभ करनी है | सम्पूर्ण लाभ के लिए महागुरु जी से मिलने वाले भक्तों के लिए 9 पेशी, और केवल अर्जी लगाने वाले भक्तों के लिए 21 पेशी का नियम है 

5. तर्पण – सम्पूर्ण लाभ प्राप्त होने के पश्चात नारायणी क्रिया के बाद से धाम में सेवा दे रहे अपने पूर्वजों का धाम में तर्पण कर उन्हें पुनः ले जाकर अपने घर में स्थापित कर लें, जिससे आजीवन वह अपने वंशजों पर कृपा बरसाते रहें 

1. प्रतिदिन दिए गए दोनों मंत्रों का जाप करें 

2. धाम की पेशी का टोकन निकालकर पेशी करें 

3. जिन भक्तों से संभव हो, वह गुरुवार का व्रत रखें 

4. सिद्धराज चालीसा का प्रतिदिन या प्रत्येक गुरुवार पाठ करें यथा संभव

5. गुरुवार को मांस और मदिरा का सेवन न करें 

6. धाम से फोटो मँगा लें और अपने घर में पूजा स्थल, दुकान इत्यादि में रखें, जिससे जब आप मंत्र जाप करेंगे तो जो धाम की शक्तियां आपकी सहायता करने के लिए गए हैं, वह और बलशाली होते हैं 

7. गुरुवार के दिन धाम से मंगाई गई फोटो के सामने भगवान सिद्धराज नारायण को गुड़ और चने की दाल का भोग लगाएं, और उसका प्रसाद ग्रहण करें 

धाम के दो मंत्र व्हाट्सप्प द्वारा भक्तों को अर्जी, शुद्धिकरण  होने के बाद दिए जाते हैं | सभी भक्तों “ॐ नमो नारायण ” या “ॐ हरि हरि नमः स्वाहा” मंत्र का जाप तत्काल प्रभाव से तुलसी की माला पर आरंभ कर सकते हैं जैसे ही उन्हें टोकन प्राप्त हो जाए | अपनी सुविधा के अनुसार 3/5/7/11 माला प्रतिदिन जपनी चाहिए 

आपकी अर्जी लगाने के लिए आपकी समस्या के अनुसार धाम में नारियल बंधन करना अनिवार्य होता है| 3 नारियल बंधन प्रत्येक भक्त के लिए धाम में किया जाता है जो अपनी अर्जी लगाते हैं 

1. काला : कोई भी पूर्वजों की समस्या, तंत्र, मंत्र प्रेत बाधा में लाभ प्राप्त करने के लिए 

2. लाल : धन प्राप्ति, नौकरी, व्यवसाय वृद्धि के लिए 

3. पीला: प्रेम प्रसंग, दाम्पत्य जीवन में सुख के लिए 

4. सफेद: आध्यात्मिक और धार्मिक उत्थान के लिए 

प्रत्येक भक्त के लिए काला और सफेद नारियल बंधन , साथ में उनकी परेशानी के अनुसार लाल, या पीला नारियल बंधन किया जाना अनिवार्य है 

आपकी समस्या के अनुसार  रंग के कपड़े में नारियल बंधन धाम में किया जाता है कि आपने अपनी समस्या की अर्जी लगाई है 

नारियल बंधन करने से आपकी समस्या उस नारियल में बंध कर, धाम में देवताओं के संरक्षण में बांध ली जाती है और उसका मांत्रिक विसर्जन कर दिया जाता है, और आपके आसन क्रिया होने के बाद, जैसे जैसे वह नारियल सड़ता है, वैसे वैसे समस्या समाप्त होने लगती है| 

अर्जी, क्रिया, पेशी, मंत्र जाप ही मनोकामना पूर्ति का प्रमुख मार्ग है, जितना सक्षम हों, उतना स्वेच्छा से करें | 

नारियल बंधन और आसन क्रिया दोनों ही धाम से कोई भी लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक है| आसन क्रिया द्वारा धाम में पेशी लगाई जा सकती है, हालांकि प्रत्येक भक्त को धाम आकर अपनी पेशी लगाना चाहिए यथासंभव  | 

आसन क्रिया से धाम के साधना क्षेत्र में रुकने का लाभ प्राप्त होता है| 

वैदिक आसन क्रिया के लिए अपना फोटो व्हाट्सप्प पर  भेजें 

आसन क्रिया में भक्त का धाम में आसन लगता है, वैदिक तंत्र यज्ञ आहुति होती है, और सिद्धराज नारायण का अनुष्ठान किया जाता है जिससे दरबार के समय की गई नारायणी क्रिया सक्रिय होती है और अर्जी में लाभ होने का मार्ग खुलता है | 

प्रत्येक भक्त की परेशानी के अनुसार दिवसों की आसन क्रिया धाम में आवश्यक होती है, जिससे धीरे धीरे समस्या यज्ञ, आहुति, तंत्र और दिव्य शक्तियों द्वारा समाप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है | 

धाम में पूर्ण, लघु, सूक्ष्म ऐसी तीन आसन क्रियाएं होती है, भक्त की क्षमता के अनुसार | धाम के नियम करने से भक्तों को हरि कृपा प्राप्त होती है ऐसा भक्तों का मत है, इसलिए आसन क्रिया भक्त ने अपनी सम्पूर्ण श्रद्धा और क्षमता से कराना चाहिए | आसन क्रिया धाम में पेशी के रूप में भी मान्य है, और यह धाम में भक्त की श्रद्धा देखता है |

यह दिव्य धाम है, कोई तांत्रिक मांत्रिक केंद्र नहीं, इसलिए आस्था की पूंजी जो आप अपने दान में दिखाते हैं, उसी से धाम की व्यवस्था बनती है, उसी से धाम का प्रचार प्रसार होता है, और इसीलिए जो भक्त दिल खोल कर, शुद्ध मन से दान करते हैं, उन्हें सभी को धाम की कृपा दृष्टि, लाभ प्राप्त होता है 

उसके लिए यूट्यूब चैनल देखें और सबस्क्राइब कर लें 

हमारे कर्म क्षेत्र की उन्नति के लिए और जीवन से क्लेश मुक्त करने के लिए सिद्धराज धाम में पूर्वज तर्पण क्रिया की जाती है यह शास्त्रों का मत है   | यह पूर्णतया वैदिक पौराणिक क्रिया है, जिससे कि संकल्प करने वाले व्यक्ति के सभी प्रकार की बाधाओं में लाभ प्राप्त होता है| साथ ही नारायणी क्रिया द्वारा जो पूर्वज अधोगति को प्राप्त हुए रहते हैं, जिनके कारण मनुष्य को आर्थिक, भौतिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा होता है, उनका पंचदेवों द्वारा नारायणी सेना में प्रवेश किया जाता है| जब मनुष्य  इस तर्पण की क्रिया को धाम में करता है तो यह पूर्वज गति सुधार होने के बाद धाम से मुक्त कर दिए जाते हैं और वह पुनः अपने वंशजों के लिए कल्याणकारी हो जाते हैं, यह शास्त्रीय मत है |

सिद्धराज धाम वेणा नदी के तट पर स्थित है जिसका उल्लेख महाभारत में है | वेणा नदी के इस परिक्षेत्र को, भीमरथी नदी के साथ ब्राह्मणों की सर्वोच्च तपस्थली कहा गया है | 

प्रत्येक मनुष्य के आध्यात्मिक विकास के लिए जिस प्रकार देवताओं में समपर्ण आवश्यक होता है, उसी तरह भौतिक विकास, धन धान्य की प्राप्ति, संतान प्राप्ति, कुल के विकास, कर्ज मुक्ति, धन, ऐश्वर्य, घर निर्माण, बच्चों की शिक्षा आदि के लिए पूर्वजों और कुल देवता, कुल देवी का हमारे अनुकूल रहना आवश्यक होता है | 

जब पूर्वज, कुल देवता, कुल देवी हमारे अनुकूल रहते हैं, तो ऐसा मनुष्य ऐश्वर्य से सम्पन्न, धन से सम्पन्न, कई पुत्रों वाला, घर, घोड़ा गाड़ी प्रजा आदि वाला होता है | 

जिस व्यक्ति के पूर्वज, कुल देवता, कुल देवी उससे रुष्ट होते हैं, ऐसे व्यक्तियों को व्यापार क्षेत्र में हानि होती है, संतान प्राप्त में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, आए हुए पैसे किसी और काम के किसी और कार्य में लग जाते हैं | 

धाम की महिमा है कि जो पूर्वज अधोगति को प्राप्त हो रहे होते हैं उन्हें धाम में बंधन कर धाम की दिव्य शक्तियों द्वारा उनकी गति सुधार कर उन्हें मुक्त कर दिया जाता है जिससे वह अपने पुत्र पौत्रों का कल्याण कर सकें| साथ ही पूर्वजों के कर्म दोषों को दूर करने के लिए धाम की दिव्य शक्तियां उनका उपयोग ईश्वरीय कार्यों के लिए, जन कल्याण के लिए करती हैं, जिससे पूरे परिवार को लाभ होता है| इसलिए धाम में तर्पण क्रिया का विशेष महत्व है 

यदि कुल देवी या कुल देवता रुष्ट होते हैं, जो परेशानी का कारण होते हैं, तो तर्पण क्रिया से उन्हें शांति प्राप्त होती है और वह अनुकूल होते हैं 

यदि ऋषि ऋण के कारण कभी वेदों का असम्मान इत्यादि करने से व्यक्ति परेशानी में होता है, तो यह क्रिया ऋषियों को तर्पण प्रदान कर उन्हें भी जातक संकल्प करता के अनुकूल करने का प्रयास करती है 

यदि किसी मनुष्य ने कभी ब्राह्मण का अपमान किया हो, और उसके कारण उसके ग्रह, नक्षत्र प्रतिकूल हुए हों, तथा जिससे कर्ज की समस्या बन रही हो, तो ब्राह्मण तर्पण से ऐसे कर्मों का नाश होकर लाभ प्राप्त होता है 

ब्रह्म तर्पण से मनुष्य के सम्पूर्ण, सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होता है , जिससे घर में धन की आवाजाही बढ़ती है, धन घर में  रुकना प्रारंभ होता है, और लाभ प्राप्त होता है | यह हमारे ऋषियों मुनियों के वचन हैं 

धाम की पेशी का टोकन प्राप्त कर लें 
 
 
धाम की पेशी के लिए टोकन जारी होता है | बिना टोकन के धाम में प्रवेश निषेध है क्योंकि धाम साधना क्षेत्र है | 
 
पेशी लगाने के लिए :
1. धाम के टोकन के लिए निर्धारित हेल्पलाइन पर संपर्क कर धाम का टोकन प्राप्त करें 
2. ₹601 | ₹2100 | ₹5100 टोकन की राशि है, अपनी इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार टोकन प्राप्त करें 
3. जो भक्त महागुरु जी से नहीं मिल पाते हैं उनके लिए 21 पेशी और जो मिल पाते हैं उनके लिए 9 पेशी का नियम है | जिन भक्तों का कार्य या मनोरथ 9 पेशियों के बाद भी कोई लाभ प्राप्त नहीं होता, वह अपनी पेशियों के टोकन की रसीद दिखाकर महागुरु जी से मिलने का निःशुल्क टोकन प्राप्त कर सकते हैं 
4. सभी भक्त धाम में अपनी क्षमता के अनुसार दान कर धाम की सेवा में अर्पित करें

जो भक्त मासिक दान का संकल्प लेना चाहते हैं वह अपनी इच्छा से प्रति माह  10% या जिनके ऊपर धाम की विशिष्ट कृपा है वह इससे अधिक के मासिक दान का संकल्प ले सकते हैं | 

मासिक दान का संकल्प लेने वाले भक्तों को, जिनका दान प्रति माह ₹25000 या उससे अधिक होता है, उन्हें टोकन में प्राइऑरटी मिलती है | उससे कम का दान प्रति माह करने वाले भक्तों के लिए भी महागुरु जी की सभाओं के विशेष अंश इत्यादि प्रेषित किए जाते हैं जो सोशल मीडिया पर उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं 

➡️ दान यूपीआई द्वारा[email protected]” पर भेजें, और व्हाट्सएप पर बता दें कि यह किस चीज का  दान है।

➡️दान के लिए :

 अरविन्द सहकारी बैंक अकाउंट : 100310011000761

IFSC कोड : ARBL0000003

सभी भक्त अपनी इच्छा से, अपने  सामर्थ्य , श्रद्धा के अनुसार   अनुष्ठान,  हवन धाम में करा सकते हैं | कोई भी अनुष्ठान या क्रिया किसी भी भक्त पर बंधनकारक नहीं होती है, भक्त अपनी श्रद्धा से जो उनके आर्थिक सामर्थ्य और विवेक से सही हो, उसके अनुसार अनुष्ठान चुन कर करा सकते हैं 

धाम में पंचदेवों को समर्पित  अनुष्ठान का विशेष महत्व है

धाम में उपलब्ध अनुष्ठान और उनकी राशि निम्न है | जो भक्त स्वेच्छा से अनुष्ठान कराना चाहते हैं, वह अपना दान भेजकर , उसका स्क्रीनशॉट व्हाट्सप्प पर आचार्य को बता दें, और बता दें कि कौन सा अनुष्ठान कराना चाहते हैं 

अनुष्ठान : 

1. विष्णु सहस्त्रनाम – ₹1100

2. सत्य नारायण कथा  – ₹1100 

3. सुंदरकांड  – ₹1100 

4. रामायण अखंड पाठ बिना म्यूजिक के – ₹5100 

5. सुंदरकांड म्यूजिक के साथ – ₹7500 

6. नारायण कवचं – ₹1100

7. शिव कवचं – ₹1100 

8. हनुमान कवचं – ₹1100 

9. एक मुखी, पंच मुखी, ग्यारह मुखी हनुमान कवचं – ₹1100 

10. 5 ब्राह्मण भोज – ₹5500 

11. 1 ब्राह्मण भोज – ₹1100  

12. पितृ शांति अनुष्ठान – ₹2100 

13. प्रेत शांति अनुष्ठान – ₹2100 

क्रिया: अथर्व वैदिक क्रिया द्वारा भी भक्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं, स्वेच्छा से आपकी समस्या और आर्थिक क्षमता के अनुसार क्रिया चुनें, और आचार्य को व्हाट्सप्प पर बता दें | सभी क्रियाएं महागुरु जी द्वारा की जाती हैं 

14. बाल गोपाल अनुष्ठान – ₹2100/5100/11000/51000/111000 यथा शक्ति 

15. तंत्र बाधा मुक्ति अनुष्ठान – ₹1100 / 5100/11000/21000/510000

16. धन बंधन मुक्ति अनुष्ठान – ₹501/1100/2100/5100/11000/21000/51000/111000/251000/551000 यथा शक्ति 

17. राम राजा अनुष्ठान (राजनीतिक सफलता के लिए ) – ₹21000/51000/111000/251000/551000/11L  यथा शक्ति राजनीति के स्तर के अनुसार

➡️  हवन : ₹2100 | ₹3500 | ₹5100 प्रति हवन 

नोट : विधि अपनी इच्छा, और आर्थिक सामर्थ्य के अनुसार करना है|  कोई बंधनकारक नहीं है| 

धाम की सम्पूर्ण महिमा अर्जी, विधि, क्रिया, मंत्र जाप और पेशी के नियमों के पालने पर निर्भर है, जो भक्त नियम पालते हैं, उनको उनकी परेशानी में आवश्यक लाभ का मार्ग धाम की दिव्य शक्तियों द्वारा खोला जाता है ऐसा देखा गया है |

धाम की कृपा द्वारा लाभ प्राप्त करने के लिए अर्जी, पेशी, मंत्र जाप, और नारियल बंधन धाम भक्त को नियम के अनुसार करना चाहिए | और गति को तेज करने के लिए अपनी इच्छा से दिए गए अनुष्ठानों में से अपने चुने हुए अनुष्ठान और हवन इत्यादि को कराना चाहिए |  व्यवस्था का संपूर्ण पालन करने पर सभी भक्तों की अभीष्ट इच्छा पूर्ण होने का मार्ग खुलता है, ऐसी धाम की महिमा है।

➡️ मंत्र का महत्व और विधि :

  • प्रतिदिन तीन, पाँच, सात, 11 माला जैसा बताया गया हो 
  • बिना मंत्रजाप के धाम से कोई लाभ प्राप्त नहीं  होता है |

➡️ क्रिया का महत्व :
 यदि भक्त की इच्छा और सामर्थ्य हो तो वह दिए गए अनुष्ठानों में से अपनी समस्या के अनुरूप अनुष्ठान चुनकर वह करा सकते हैं 

➡️ पेशी का महत्त्व:

पेशी की प्रक्रिया में आप धाम के देवताओं के दर्शन अमृत का लाभ प्राप्त करते हैं 

➡️ विधि का महत्व
विधि करने से ही, धाम की कृपा प्राप्त करने का मार्ग खुलता है

➡️नारियल बंधन का महत्व : 3 नारियल बंधन करने का नियम है  | 

 तीन नारियल बंधन एक साथ किए जाते हैं

काले, लाल, पीले, और सफेद कपड़े में नारियल बंधन का धाम में नियम है  | विवाह के लिए पीले कपड़े में और शैक्षणिक योग्यता के लिए सफेद कपड़े में नारियल बंधन धाम में करना चाहिए 

सभी अर्जी, पेशी के नारियल बंधन अगले दिन मंत्रों द्वारा विसर्जित कर दिए जाते हैं 

|| Om Namo Narayana | ॐ नमो नारायण ||
|| Om Namo Narayana | ॐ नमो नारायण ||
|| Om Namo Narayana | ॐ नमो नारायण ||

आपका दान नीचे दिया क्यूआर कोड स्कैन करके भी भेज सकते हैं

|| Om Namo Narayana | ॐ नमो नारायण ||

 दरबार का टोकन लेने पर सभी भक्त इस बात की अनुमति देते हैं कि उनका दरबार का विडिओ, औडियो रिकार्ड किया जाएगा और सिद्धराज  धाम के प्रचार प्रसार के लिए धाम द्वारा किसी भी रूप में बिना किसी अन्य अथवा विशेष अनुमति के सिद्धराज  धाम द्वारा उपयोग किया जा सकता है, और इस बात से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है| दरबार के सभी विडिओ धाम की संपत्ति हैं और इस पर धाम का कॉपीराइट है, जिसे बिना धाम के अनुमति के प्रयोग नहीं किया जा सकता है 

By taking a token for Darbar, all Bhaktas agree that their consultation in the darbar will be recorded, reproduced in any manner, in full or part thereof, without any special or written permission from them by Siddharaj Dham for marketing and propagation purposes. Dham has 100% content rights on all such videos of the darbar and all videos are copyright of Dham.