सिद्धराज धाम चालीसा

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Arji, Peshi, Vidhi, Kriya from Home

विश्व का एक मात्र ऐसा धाम जहां मनोकामना पूर्ति के लिए  धाम में आने जाने की भी जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि धाम साधना क्षेत्र है, सामान्य मनुष्यों को धाम की कृपा उनके घर बैठे प्राप्त होती है, धाम के नियमों का पालन करने से, घर से ही मंत्र जाप और पेशी करने से  | मनोरथ पूर्ण होने के बाद धाम की 5 पेशी करें 
 
नीचे दिए प्रश्नों पर क्लिक करें ताकि उनके उत्तर आप देख सकें 

अर्जी लगाने के लिए 09321390655 पर व्हाट्सप्प द्वारा संपर्क करें, और आपकी जानकारी प्रदान करें तथा अर्जी की देय राशि का भुगतान करें  | अर्जी की देय राशि दरबार के समय बताई जाती है, और भक्त की क्षमता, उसकी समस्या परेशानी के अनुसार रहती है 

दान यूपीआई द्वाराeksattva1@upi” पर भेजें, और व्हाट्सएप पर बता दें कि यह किस चीज का  दान है।

धाम में पंचदेवों के समक्ष प्रत्येक भक्त के लिए तीन नारियल बंधन,  तीन रंग के कपड़ों में दान दिया जाता है और क्रिया, अनुष्ठान में संकल्प किए जाते हैं जिससे कि दिए गए मंत्र सक्रिय होते हैं, और उनके जाप से, पेशी लगाने से और नियम करने से भक्तों को दैवीय कृपा प्राप्त होती है | 

धाम से दो सक्रिय मंत्र, और धाम के नियम प्राप्त होते हैं जो घर से आसानी से किए जा सकते हैं| 

जरूरत मंद भक्तों के लिए निःशुल्क ऑनलाइन दिव्य दरबार की व्यवस्था है |

 

यदि जो भक्त सक्षम हैं वह ₹2100/5100/11000/21000/51000 अपनी इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार देकर दरबार का टोकन प्राप्त कर सकते हैं  

निःशुल्क टोकन एक भक्त को 6 महीने में एक बार दिया जाता है , उसके बीच में यदि महागुरु जी से बात करनी हो तो धाम सेवा द्वारा टोकन लेना आवश्यक है 

जो भक्त सक्षम है, उन्हे दरबार में महागुरु जी से बात करने के लिए धाम सेवा कर के ही टोकन  लेना चाहिए, ताकि निःशुल्क दरबार में जरुतमंदों की अधिक से अधिक सहायता हो सके

धाम सेवा कर टोकन के लिए धाम में 09321390655 पर व्हाट्सप्प द्वारा संपर्क करें, और 2100,5100,11000,21000,51000 की राशि का दान करें 

अपने इच्छा, सामर्थ्य और परेशानी के अनुसार धाम सेवा की राशि चुनें 

➡️ ₹2100 – 1 से 2 प्रश्न, 1-3 दिन में नंबर आ जाता है
➡️₹5100, ₹7200 – जल्दी नंबर आता है
➡️₹11000 –  उसी दिन नंबर आता है (बुधवार, रविवार को छोड़कर)
➡️₹21000 – राजनीति से संबंधित कार्य – ग्राम, शहर स्तर की
➡️₹51000 – राजनीति से संबंधित – जिला, राज्य और देश के स्तर की

प्रत्येक भक्त को जैसे ही धाम की कृपा प्राप्ति प्रारंभ हो जाए, वैसे ही धाम की पेशी का टोकन प्राप्त करना है | 

धाम की पेशी का प्रवेश टोकन प्राप्त करने के लिए : https://wa.me/919405365157 

21 पेशी का टोकन एक साथ धाम से दिया जाता है, जिसके लिए ₹651 धाम के मैन्ट्नन्स का शुल्क है |

धाम प्रत्येक गुरुवार भक्तों के लिए खुला रहता है , और धाम में प्रवेश के लिए सक्रिय टोकन होना अनिवार्य है | 

ध्यान रखें, धाम एक प्राइवेट हिन्दू सनातन धर्म का सिद्ध पूजा स्थल है, और सम्पूर्ण महिमा धाम में स्थापित पंचदेवों की महिमा से है | धाम अभी अभी भक्तों के लिए खोला गया है और विकास , व्यवस्था की प्रक्रिया चालू है, जिसमें भक्तों का सहयोग चाहिए ही, बिना उसके व्यवस्था नहीं बन सकती है | 

जो भक्त पेशी करने नहीं आ सकते, वह घर से ही आसन क्रिया द्वारा पेशी लगा सकते हैं | सामान्य आसन क्रिया का शुल्क ₹1287 प्रति दिन है 

सिद्धराज धाम के पंचदेवों की कृपा प्राप्ति के 5 नियम हैं 

1. नारायणी क्रिया – दरबार के समय महागुरु जी द्वारा की जाती है 

2. नारियल बंधन – धाम में होता है 10 महाविद्या, भैरव तंत्र के नियमों के अनुसार 3 नारियल बंधन प्रत्येक भक्त को अर्जी लगाने के लिए करना रहता है 

3. आसन क्रिया – नारायणी क्रिया को सक्रिय करने के लिए धाम में प्रत्येक भक्त का आसन लगता है, उसके लिए फोटो व्हाट्सप्प पर भेजनी है| समस्या के अनुसार कितने दिन की आसन क्रिया  होगी महागुरु जी बताएंगे 

4. पेशी – जैसे ही धाम की कृपा प्राप्त होना प्रारंभ हो जाए, धाम की पेशी प्रारंभ करनी है | सम्पूर्ण लाभ के लिए गुरुवार की 21 पेशी हर भक्त को लगानी रहती है 

5. तर्पण – सम्पूर्ण लाभ प्राप्त होने के पश्चात नारायणी क्रिया के बाद से धाम में सेवा दे रहे अपने पूर्वजों का धाम में तर्पण कर उन्हें पुनः ले जाकर अपने घर में स्थापित कर लें, जिससे आजीवन वह अपने वंशजों पर कृपा बरसाते रहें 

1. प्रतिदिन दिए गए दोनों मंत्रों का जाप करें 

2. जैसे ही लाभ प्राप्त होना प्रारंभ हो जाए, वैसे ही धाम की पेशी का टोकन निकालकर पेशी प्रारंभ करें 

3. जिन भक्तों से संभव हो, वह गुरुवार का व्रत रखें 

4. सिद्धराज चालीसा का प्रतिदिन या प्रत्येक गुरुवार पाठ करें यथा संभव

5. गुरुवार को मांस और मदिरा का सेवन न करें 

6. धाम से फोटो मँगा लें और अपने घर में पूजा स्थल, दुकान इत्यादि में रखें, जिससे जब आप मंत्र जाप करेंगे तो जो धाम की शक्तियां आपकी सहायता करने के लिए गए हैं, वह और बलशाली होते हैं 

7. गुरुवार के दिन धाम से मंगाई गई फोटो के सामने भगवान सिद्धराज नारायण को गुड़ और चने की दाल का भोग लगाएं, और उसका प्रसाद ग्रहण करें 

धाम के दो मंत्र व्हाट्सप्प द्वारा भक्तों को नारियल बंधन होने के बाद दिए जाते हैं 

महागुरु जी लाइव दरबार के समय भक्तों पर नारायणी क्रिया करते हैं | इस क्रिया में धाम के पंचदेवों के आदेश पर धाम की दिव्य शक्तियों को महागुरु जी द्वारा नारायणी आदेश दिया जाता है | 

नारायणी क्रिया के 3 भाग होते हैं : 

1. सभी प्रकार के नकारात्मक ऊर्जाओं को काटने का आदेश 

2. सभी प्रकार के परा शक्ति का धाम की नारायणी सेना में प्रवेश 

3. सभी अधोगति को प्राप्त हुए पूर्वजों का धाम की नारायणी सेना में गति सुधार के लिए प्रवेश 

यह एक मनोवैज्ञानिक, धार्मिक और परा विज्ञान को सम्मिलित करके बनाई गई क्रिया है| 

नारायणी क्रिया के फल प्राप्ति के लिए नारियल बंधन करना और आसन क्रिया करना आवश्यक है | बिना नारियल बंधन और आसन क्रिया के नारायणी क्रिया फलित नहीं होती है|

सभी भक्तों के कार्य सिद्ध होने के पश्चात उन्हें धाम में तर्पण क्रिया कर अपने पूर्वजों की गति में सुधार होने के पश्चात,  उनको धाम की सेना से मुक्त करना चाहिए, यह धाम का नियम है 

नारायणी क्रिया, नारियल बंधन, आसन क्रिया, 5 पेशी और तर्पण यह सिद्धाराज धाम के पाँच नियम हैं |जीवन में आगे समस्या न आए इसके लिए 7 सूत्र और 2 मंत्र प्रत्येक भक्त करता है, और अपनी दैहिक, दैविक, भौतिक परेशानियों में लाभ प्राप्त करता है|

आपकी अर्जी लगाने के लिए आपकी समस्या के अनुसार धाम में नारियल बंधन करना अनिवार्य होता है| 3 नारियल बंधन प्रत्येक भक्त के लिए धाम में किया जाता है जो अपनी अर्जी लगाते हैं 

1. काला : कोई भी पूर्वजों की समस्या, तंत्र, मंत्र प्रेत बाधा में लाभ प्राप्त करने के लिए 

2. लाल : धन प्राप्ति, नौकरी, व्यवसाय वृद्धि के लिए 

3. पीला: प्रेम प्रसंग, दाम्पत्य जीवन में सुख के लिए 

4. सफेद: आध्यात्मिक और धार्मिक उत्थान के लिए 

प्रत्येक भक्त के लिए काला और सफेद नारियल बंधन , साथ में उनकी परेशानी के अनुसार लाल, या पीला नारियल बंधन किया जाना अनिवार्य है 

आपकी समस्या के अनुसार  रंग के कपड़े में नारियल बंधन धाम में किया जाता है कि आपने अपनी समस्या की अर्जी लगाई है 

नारियल बंधन करने से आपकी समस्या उस नारियल में बंध कर, धाम में देवताओं के संरक्षण में बांध ली जाती है, और आपके आसन क्रिया होने के बाद, जैसे जैसे वह नारियल सड़ता है, वैसे वैसे समस्या समाप्त होने लगती है| 

अर्जी, क्रिया, पेशी, मंत्र जाप ही मनोकामना पूर्ति का प्रमुख मार्ग है, जितना सक्षम हों, उतना स्वेच्छा से करें | 

नारियल बंधन और आसन क्रिया दोनों ही धाम से कोई भी लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक है| आसन क्रिया द्वारा धाम में पेशी लगाई जा सकती है, हालांकि प्रत्येक भक्त को धाम आकर अपनी पेशी लगाना चाहिए यथासंभव  | 

आसन क्रिया से धाम के साधना क्षेत्र में रुकने का लाभ प्राप्त होता है| 

वैदिक आसन क्रिया के लिए अपना फोटो व्हाट्सप्प पर  भेजें 

आसन क्रिया में भक्त का धाम में आसन लगता है, वैदिक तंत्र यज्ञ आहुति होती है, और सिद्धराज नारायण का अनुष्ठान किया जाता है जिससे दरबार के समय की गई नारायणी क्रिया सक्रिय होती है और अर्जी में लाभ होने का मार्ग खुलता है | 

प्रत्येक भक्त की परेशानी के अनुसार दिवसों की आसन क्रिया धाम में आवश्यक होती है, जिससे धीरे धीरे समस्या यज्ञ, आहुति, तंत्र और दिव्य शक्तियों द्वारा समाप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है | 

धाम में पूर्ण, लघु, सूक्ष्म ऐसी तीन आसन क्रियाएं होती है, भक्त की क्षमता के अनुसार | धाम के नियम करने से भक्तों को हरि कृपा प्राप्त होती है ऐसा भक्तों का मत है, इसलिए आसन क्रिया भक्त ने अपनी सम्पूर्ण श्रद्धा और क्षमता से कराना चाहिए | आसन क्रिया धाम में पेशी के रूप में भी मान्य है, और यह धाम में भक्त की श्रद्धा देखता है |

यह दिव्य धाम है, कोई तांत्रिक मांत्रिक केंद्र नहीं, इसलिए आस्था की पूंजी जो आप अपने दान में दिखाते हैं, उसी से धाम की व्यवस्था बनती है, उसी से धाम का प्रचार प्रसार होता है, और इसीलिए जो भक्त दिल खोल कर, शुद्ध मन से दान करते हैं, उन्हें सभी को धाम की कृपा दृष्टि, लाभ प्राप्त होता है 

उसके लिए यूट्यूब चैनल देखें और सबस्क्राइब कर लें 

हमारे कर्म क्षेत्र की उन्नति के लिए और जीवन से क्लेश मुक्त करने के लिए सिद्धराज धाम में पूर्वज तर्पण क्रिया की जाती है यह शास्त्रों का मत है   | यह पूर्णतया वैदिक पौराणिक क्रिया है, जिससे कि संकल्प करने वाले व्यक्ति के सभी प्रकार की बाधाओं में लाभ प्राप्त होता है| साथ ही नारायणी क्रिया द्वारा जो पूर्वज अधोगति को प्राप्त हुए रहते हैं, जिनके कारण मनुष्य को आर्थिक, भौतिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा होता है, उनका पंचदेवों द्वारा नारायणी सेना में प्रवेश किया जाता है| जब मनुष्य  इस तर्पण की क्रिया को धाम में करता है तो यह पूर्वज गति सुधार होने के बाद धाम से मुक्त कर दिए जाते हैं और वह पुनः अपने वंशजों के लिए कल्याणकारी हो जाते हैं, यह शास्त्रीय मत है |

सिद्धराज धाम वेणा नदी के तट पर स्थित है जिसका उल्लेख महाभारत में है | वेणा नदी के इस परिक्षेत्र को, भीमरथी नदी के साथ ब्राह्मणों की सर्वोच्च तपस्थली कहा गया है | 

प्रत्येक मनुष्य के आध्यात्मिक विकास के लिए जिस प्रकार देवताओं में समपर्ण आवश्यक होता है, उसी तरह भौतिक विकास, धन धान्य की प्राप्ति, संतान प्राप्ति, कुल के विकास, कर्ज मुक्ति, धन, ऐश्वर्य, घर निर्माण, बच्चों की शिक्षा आदि के लिए पूर्वजों और कुल देवता, कुल देवी का हमारे अनुकूल रहना आवश्यक होता है | 

जब पूर्वज, कुल देवता, कुल देवी हमारे अनुकूल रहते हैं, तो ऐसा मनुष्य ऐश्वर्य से सम्पन्न, धन से सम्पन्न, कई पुत्रों वाला, घर, घोड़ा गाड़ी प्रजा आदि वाला होता है | 

जिस व्यक्ति के पूर्वज, कुल देवता, कुल देवी उससे रुष्ट होते हैं, ऐसे व्यक्तियों को व्यापार क्षेत्र में हानि होती है, संतान प्राप्त में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, आए हुए पैसे किसी और काम के किसी और कार्य में लग जाते हैं | 

धाम की महिमा है कि जो पूर्वज अधोगति को प्राप्त हो रहे होते हैं उन्हें धाम में बंधन कर धाम की दिव्य शक्तियों द्वारा उनकी गति सुधार कर उन्हें मुक्त कर दिया जाता है जिससे वह अपने पुत्र पौत्रों का कल्याण कर सकें| साथ ही पूर्वजों के कर्म दोषों को दूर करने के लिए धाम की दिव्य शक्तियां उनका उपयोग ईश्वरीय कार्यों के लिए, जन कल्याण के लिए करती हैं, जिससे पूरे परिवार को लाभ होता है| इसलिए धाम में तर्पण क्रिया का विशेष महत्व है 

यदि कुल देवी या कुल देवता रुष्ट होते हैं, जो परेशानी का कारण होते हैं, तो तर्पण क्रिया से उन्हें शांति प्राप्त होती है और वह अनुकूल होते हैं 

यदि ऋषि ऋण के कारण कभी वेदों का असम्मान इत्यादि करने से व्यक्ति परेशानी में होता है, तो यह क्रिया ऋषियों को तर्पण प्रदान कर उन्हें भी जातक संकल्प करता के अनुकूल करने का प्रयास करती है 

यदि किसी मनुष्य ने कभी ब्राह्मण का अपमान किया हो, और उसके कारण उसके ग्रह, नक्षत्र प्रतिकूल हुए हों, तथा जिससे कर्ज की समस्या बन रही हो, तो ब्राह्मण तर्पण से ऐसे कर्मों का नाश होकर लाभ प्राप्त होता है 

ब्रह्म तर्पण से मनुष्य के सम्पूर्ण, सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होता है , जिससे घर में धन की आवाजाही बढ़ती है, धन घर में  रुकना प्रारंभ होता है, और लाभ प्राप्त होता है | यह हमारे ऋषियों मुनियों के वचन हैं 

जैसे ही आपको लाभ मिलना प्रारंभ हो जाए, वैसे ही धाम की पेशी का टोकन प्राप्त कर लें 
 
 सिद्धराज धाम विश्व के एक मात्र धार्मिक क्षेत्र है जहां लाभ प्राप्त होना प्रारंभ होने तक भक्त को धाम मे आने की आवश्यकता नहीं पड़ती है, उसमें भक्तों के हजारों, लाखों रुपये बच जाते हैं | कृपा सभी भक्तों को घर बैठे नियम करने से प्राप्त हो जाती है 
 
और जब लाभ होना प्रारंभ हो जाए, उसके बाद  21 पेशी धाम में आकर करनी है |
 
धाम की पेशी के लिए टोकन जारी होता है, और जो भक्त टोकन लेते हैं, गुरुवार को उन भक्तों के लिए धाम खुला रहता है | बिना टोकन के धाम में प्रवेश निषेध है क्योंकि धाम साधना क्षेत्र है | 
 
पेशी लगाने के लिए :
1. धाम के टोकन के लिए निर्धारित हेल्पलाइन पर संपर्क कर धाम का टोकन प्राप्त करें 
2. ₹651 में एक व्यक्ति के लिए धाम की 21 पेशी का टोकन मिलता है| एक साथ 21 पेशी का टोकन दिया जाता है|
3. धाम केवल गुरुवार को पेशी के लिए खुलता है | 
4. सभी भक्त धाम में अपनी क्षमता के अनुसार तर्पण क्रिया कर, अपने पूर्वजों को धाम की सेवा में अर्पित करें, और पेशी समाप्त होते होते, उन्हें ले जाकर अपने घर पर स्थापित कर लें, जिससे कि सभी आर्थिक, कर्ज, बाधा, इत्यादि की समस्याओं का निवारण होता है , ऐसी धाम की महिमा है 

धाम की दिव्य शक्तियों के अनुसार जैसा महागुरु जी ने दरबार के समय बताया होगा, सभी पेशी, मंत्र जाप, क्रिया इत्यादि बताए गए अनुसार करने से लाभ होने लगता है 

पर जो भक्त सम्पूर्ण आस्था से नियमों को करते हैं, चालीसा पाठ करते हैं, ॐ हरि हरि नमः स्वाहा मंत्र का जाप करते हैं, ऐसा देखा गया है कि उन्हे 2 माह से 36 माह में , उनकी समस्या के अनुसार लाभ दिखाई देना प्रारंभ हो जाता है, पर यह प्रत्येक भक्त की अपनी अपनी निष्ठा पर निर्भर है | कुछ भक्तों को कुछ दिन में लाभ होना प्रारंभ होता है, कुछ को कुछ महीने में | लगभग 90% भक्तों को 21 पेशी समाप्त होते होते लाभ हो जाता है |

धाम के खरबों गण, दूत, दैवीय शक्तियां हैं, जो भक्तों की अर्जी, पेशी स्वीकार कर उनकी सहायता करती हैं | यदि मन मे विश्वास रहेगा, निष्ठा और लगन से नियम पालेंगे, और जब धाम की शक्तियों से आपके लिए मनोकामना पूर्ति के अवसर बनाए जाएंगे, उस समय अपने विवेक से उचित कर्म कर लेंगे, तो अवश्य ही प्रत्येक भक्त को लाभ प्राप्त हो जाएगा | 

आपकी मनोकामना पूर्ण होने के पश्चात 21 पेशी धाम मे आकर करनी है, किसी भी गुरुवार को आपके टोकन के अनुसार 

1. धाम की पेशी के लिए टोकन प्राप्त करें। 21 पेशी के लिए एक साथ टोकन प्राप्त होता है, जिसका शुल्क ₹651 प्रति व्यक्ति होता है (21 पेशी के लिए एक साथ 21 टोकन मिलता है, एक एक टोकन आपको आगमन से 3 दिन पूर्व धाम मे संपर्क कर सक्रिय करना रहता है) | यदि दो सदस्य पेशी करने आ रहे हैं तो आपको 2 टोकन प्राप्त करना है  

2. ध्यान रखें, बिना सक्रिय टोकन के धाम मे प्रवेश वर्जित है क्योंकि धाम एक साधना क्षेत्र है, और प्राइवेट है | धाम की कृपा भक्तों को धाम के सभी नियमों को पालने से प्राप्त होती है 

दान यूपीआई द्वाराeksattva1@upi” पर भेजें, और व्हाट्सएप पर बता दें कि यह किस चीज का  दान है।

सभी भक्त अपनी इच्छा से, अपने  सामर्थ्य , श्रद्धा के अनुसार   अनुष्ठान,  हवन धाम में करा सकते हैं | कोई भी अनुष्ठान या क्रिया किसी भी भक्त पर बंधनकारक नहीं होती है, भक्त अपनी श्रद्धा से जो उनके आर्थिक सामर्थ्य और विवेक से सही हो, उसके अनुसार अनुष्ठान चुन कर करा सकते हैं 

धाम में पंचदेवों को समर्पित  अनुष्ठान का विशेष महत्व है

धाम में उपलब्ध अनुष्ठान और उनकी राशि निम्न है | जो भक्त स्वेच्छा से अनुष्ठान कराना चाहते हैं, वह अपना दान भेजकर , उसका स्क्रीनशॉट व्हाट्सप्प पर आचार्य को बता दें, और बता दें कि कौन सा अनुष्ठान कराना चाहते हैं 

अनुष्ठान : 

1. विष्णु सहस्त्रनाम – ₹1100

2. सत्य नारायण कथा  – ₹1100 

3. सुंदरकांड  – ₹1100 

4. रामायण अखंड पाठ बिना म्यूजिक के – ₹5100 

5. सुंदरकंद म्यूजिक के साथ – ₹7500 

6. नारायण कवचं – ₹1100

7. शिव कवचं – ₹1100 

8. हनुमान कवचं – ₹1100 

9. एक मुखी, पंच मुखी, ग्यारह मुखी हनुमान कवचं – ₹1100 

10. 5 ब्राह्मण भोज – ₹5500 

11. 1 ब्राह्मण भोज – ₹1100  

12. पितृ शांति अनुष्ठान – ₹2100 

13. प्रेत शांति अनुष्ठान – ₹2100 

क्रिया: अथर्व वैदिक क्रिया द्वारा भी भक्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं, स्वेच्छा से आपकी समस्या और आर्थिक क्षमता के अनुसार क्रिया चुनें, और आचार्य को व्हाट्सप्प पर बता दें | सभी क्रियाएं महागुरु जी द्वारा की जाती हैं 

14. बाल गोपाल अनुष्ठान – ₹2100/5100/11000/51000/111000 यथा शक्ति 

15. तंत्र बाधा मुक्ति अनुष्ठान – ₹1100 / 5100/11000/21000/510000

16. धन बंधन मुक्ति अनुष्ठान – ₹501/1100/2100/5100/11000/21000/51000/111000/251000/551000 यथा शक्ति 

17. राम राजा अनुष्ठान (राजनीतिक सफलता के लिए ) – ₹21000/51000/111000/251000/551000/11L  यथा शक्ति राजनीति के स्तर के अनुसार

➡️ साधारण  हवन : ₹501 प्रति हवन 

नोट : विधि अपनी इच्छा, और आर्थिक सामर्थ्य के अनुसार करना है|  कोई बंधनकारक नहीं है| 

धाम की सम्पूर्ण महिमा अर्जी, विधि, क्रिया, मंत्र जाप और पेशी के नियमों के पालने पर निर्भर है, जो भक्त नियम पालते हैं, उनको उनकी परेशानी में आवश्यक लाभ का मार्ग धाम की दिव्य शक्तियों द्वारा खोला जाता है|

भक्तों की समस्या के अनुसार नारायणी अनुस्थान धाम पर या घर पर भी भक्तों द्वारा कराए जा सकते हैं | 

घर पर जब इन अनुष्ठानों को कराएं तो शुक्ल पक्ष एकादशी को, जन्म से ब्राह्मण हो ऐसे ब्राह्मण को बुलाकर अनुष्ठान कराना चाहिए | 

प्रत्येक अनुष्ठान में संकल्प, अनुष्ठान, हवन, दीपक, कलश स्थापना यह होनी चाहिए , ऐसा अपने ब्राह्मण हो बता दें, या यह पोस्ट उन्हें दिखा दें | साथ ही ब्राह्मण से या स्वयं अनुष्ठान से पूर्व ॐ हरि हरि नमः स्वाहा की एक माला का जाप करें/करवाएं 

प्रत्येक भक्त को ऐसे 11/21/31/51/101/108/1100 अनुष्ठान घर पर कराने चाहिए अपनी मनोकामना के अनुसार

सभी अनुष्ठान धाम में भी कराए जा सकते हैं और उसकी जानकारी ऊपर दी है 

धाम की कृपा द्वारा लाभ प्राप्त करने के लिए अर्जी, पेशी, मंत्र जाप, और नारियल बंधन धाम भक्त को नियम के अनुसार करना चाहिए | और गति को तेज करने के लिए अपनी इच्छा से दिए गए अनुष्ठानों में से अपने चुने हुए अनुष्ठान और हवन इत्यादि को कराना चाहिए |  व्यवस्था का संपूर्ण पालन करने पर सभी भक्तों की अभीष्ट इच्छा पूर्ण होने का मार्ग खुलता है, ऐसी धाम की महिमा है।

सब नियम गणों दूतों और दिव्य शक्तियों के कार्य करने के तरीके के अनुसार बनाए गए हैं, और जो भी भक्त सभी नियमों का पालन करता है, उसे लाभ मिलता ही है ऐसा देखा गया है 

➡️ मंत्र का महत्व और विधि :

  • प्रतिदिन एक माला
  • मंत्रों से आपको दिए गए गण दूतों को आप बलशाली करते हैं, इसलिए मंत्र आवश्यक हैं | बिना मंत्रजाप के धाम से कोई लाभ प्राप्त नहीं  होता है |

➡️ क्रिया का महत्व :
भक्त को तत्काल प्रभाव से लाभ मिलना प्रारंभ हो जाए, इसलिए वैदिक तंत्र विधा की क्रिया धाम द्वारा की जाती है। यदि भक्त की इच्छा और सामर्थ्य हो तो वह दिए गए अनुष्ठानों में से अपनी समस्या के अनुरूप अनुष्ठान चुनकर वह करा सकते हैं 

➡️ पेशी का महत्त्व:

पेशी धाम की कृपा प्राप्त करने की व्यवस्था का एक मुख्य भाग है। पेशी लगाने पर धाम की दिव्य शक्तियों को आप पुनः बता रहे होते हैं कि या तो आपकी समस्या अभी भी है, या आप आपकी समस्या के निवारण के लिए उन्हें धन्यवाद कर रहे होते हैं। जैसे ही लाभ होना प्रारंभ हो, वैसे ही धाम की पेशी का टोकन निकालकर आपकी पेशी प्रारंभ करें 

➡️ विधि का महत्व
विधि करने से ही, धाम की कृपा प्राप्त करने का मार्ग खुलता है

➡️नारियल बंधन का महत्व : 3 नारियल बंधन करने का नियम है  | 

प्रत्येक नारियल बंधन से आपकी बाधा या व्याधि के 50% सुधारने का मार्ग खुलता है। यदि तीन नारियल बंधन एक साथ किए जाते हैं, जिससे कि बाधा के सम्पूर्ण समापन और कृपा प्राप्ति का संपूर्ण मार्ग खुल सके

काले कपड़े मे नारियल बंधन : पूर्वजों, तंत्र, मंत्र, टोना टोटका इत्यादि दूर करने के लिए 

लाल कपड़े मे नारियल बंधन : कर्ज, बीमारी, धन, व्यापार, नौकरी की समस्या के लिए 

पीले कपड़े मे नारियल बंधन : विवाह, पति पत्नी इत्यादि की समस्या के लिए 

सफेद कपड़े मे नारियल बंधन : साधना, शिक्षा, आध्यात्म के क्षेत्र मे आगे बढ़ने के लिए 

 

आपका दान नीचे दिया क्यूआर कोड स्कैन करके भी भेज सकते हैं

 दरबार का टोकन लेने पर सभी भक्त इस बात की अनुमति देते हैं कि उनका दरबार का विडिओ, औडियो रिकार्ड किया जाएगा और सिद्धराज  धाम के प्रचार प्रसार के लिए धाम द्वारा किसी भी रूप में बिना किसी अन्य अथवा विशेष अनुमति के सिद्धराज  धाम द्वारा उपयोग किया जा सकता है, और इस बात से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है| दरबार के सभी विडिओ धाम की संपत्ति हैं और इस पर धाम का कॉपीराइट है, जिसे बिना धाम के अनुमति के प्रयोग नहीं किया जा सकता है 

By taking a token for Darbar, all Bhaktas agree that their consultation in the darbar will be recorded, reproduced in any manner, in full or part thereof, without any special or written permission from them by Siddharaj Dham for marketing and propagation purposes. Dham has 100% content rights on all such videos of the darbar and all videos are copyright of Dham.